राजद में नेतृत्व परिवर्तन की आहट ! तेजस्वी को मिलेगी संगठन की पूरी कमान?
बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) एक अहम बदलाव के दौर में प्रवेश करने जा रहा है। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने के संकेतों के बीच, नेतृत्व की बागडोर अब औपचारिक रूप से तेजस्वी यादव को सौंपे जाने की तैयारी है। 25 जनवरी को प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी को ‘राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष’ बनाए जाने की संभावना है, जिससे पार्टी में चल रही पावर ट्रांसफर प्रक्रिया पर आधिकारिक मुहर लग सकती है।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी यादव पहले से ही राजद के संगठन और राजनीति की कमान संभाले हुए हैं। अहम फैसले हों या रणनीति तय करनी हो, हर जगह उनकी भूमिका निर्णायक है। लेकिन किसी औपचारिक पद के अभाव में कई बार आधिकारिक ऐलान करने में व्यावहारिक दिक्कतें आती रही हैं। कार्यकारी अध्यक्ष का पद मिलने के बाद उन्हें पार्टी के सभी संवैधानिक अधिकार मिल जाएंगे और यह असहजता भी खत्म हो जाएगी। अब जबकि पार्टी में विरोध की आवाजें लगभग थम चुकी हैं और ज्यादातर वरिष्ठ नेता तेजस्वी के नेतृत्व के साथ खड़े नजर आ रहे हैं, लालू प्रसाद यादव चाहते हैं कि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दे दिया जाए।
25 जनवरी को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक सिर्फ नेतृत्व बदलाव तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें पार्टी अनुशासन को लेकर भी सख्त रुख अपनाने की तैयारी है। विधानसभा चुनाव के दौरान जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों या भीतरघात के आरोप लगे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसके जरिए राजद संगठन में यह साफ संदेश देना चाहता है कि आगे किसी भी तरह की ढिलाई या गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खैर 25 जनवरी की बैठक राजद के लिए सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाले राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करने वाला मोड़ साबित हो सकती है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व को आधिकारिक रूप मिलने के साथ ही पार्टी नई ऊर्जा और स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है। अब देखना यह होगा कि यह नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक सख्ती राजद को आने वाली चुनावी चुनौतियों में कितनी मजबूती देती है।
Divya Singh